रोहतक. आईजी दफ्तर में जहर खाकर जान देने वाली अलका ने मौत से एक दिन पहले भी जहर खाने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस ने उसका प्रयास विफल कर दिया। रविवार को आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट करने के बाद अलका के पति सुनील ने पहली बार इस मामले में अपनी बात रखी!
सुनील के मुताबिक दुष्कर्म के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अलका एक साल से पुलिस अधिकारियों के चक्कर काट रही थी। 5 मई को भी वह आईजी दफ्तर गई थी। जब वहां सुनवाई नहीं हुई तो जहरीला पदार्थ खाने का प्रयास किया मगर पुलिसकर्मियों ने उससे जहर की गोलियां छीन ली और उसे भगा दिया। इससे अलका निराश हो गई और उसने जान का मन बना लिया। सुनील के मुताबिक 6 मई को एक बार फिर वे अपने दोनों बच्चों के साथ आईजी दफ्तर पहुंचे। आईजी का इंतजार करते समय अलका ने कहा कि उसने जहर खा लिया है और उसने जहरीला पाउडर उसे भी दे दिया। जहर खाने के बाद जब दोनों की हालत बिगड़ने लगी तो उन्हें पीजीआई में दाखिल कराया गया।
मामला दबा रही है पुलिस :
सुनील ने कहा कि मधुबन लैब से पुलिस ने केवल दो दिन में ही उल्टी की रिपोर्ट ले ली जिसमें उसके जहर खाने की रिपोर्ट निगेटिव है। चार दिन तक वह पीजीआई के आईसीयू में भर्ती रहा। अगर जहर नहीं खाया होता तो चिकित्सक उसे भर्ती क्यों करते। सुनील ने कहा कि जब तक मामले की सीबीआई से जांच नहीं कराई जाएगी, वे चैन से नहीं बैठेंगे। मेडिकल रिपोर्ट में सुनील स्वस्थ : पीजीआई के निदेशक डॉ. चांद सिंह ढुल के मुताबिक पहले दिन सुनील के लक्षण जहर खाने जैसे थे। इलाज रिकू में किया गया व 24 घंटे बाद स्वास्थ्य में सुधार होता गया। रविवार को उसे छुट्टी देना चाहते थे मगर वह डिस्चार्ज नहीं होना चाहता।
अलका के शव के बारे में उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम हाउस में शव को 72 घंटे से अधिक नहीं रखा जा सकता। अगर परिजन शव नहीं उठाएंगे तो उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।
अलका जब भी शिकायत लेकर आई, उसकी उचित सुनवाई हुई। दुष्कर्म मामले में डीएसपी स्तर के अधिकारी से तफ्तीश कराई गई। अलका मामले की जांच गंभीरता से की जाएगी।
-वी.कामाराजा, आईजीपी, रोहतक
कोर्ट जाएगी पुलिस परिजनों द्वारा अलका का शव न उठाने से परेशान पुलिस अब कोर्ट का सहारा लेगी। इसके लिए कानूनविदों से सलाह ली जा रही है। समवाोर को पुलिस शव का अंतिम संस्कार करने के लिए कोर्ट में याचिका दायर करेगी। उधर, स्टेट क्राइम ब्रांच की जांच टीम के देर रात तक रोहतक पहुंचने की संभावना है। यह टीम केस से जुड़े सभी मामलों की जांच करेगी (रविवार)
सोमवार
हरियाणा के रोहतक में आईजी दफ्तर में जहर खाकर जान देने वाली अलका का पांचवें दिन सोमवार को सोनीपत के पांची जाटान में अंतिम संस्कार किया गया। परिजन पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच अलका के शव को लेकर दोपहर बाद गांव पहुंचे थे। उधर, आईजी ने परिजनों को 15 दिन में दुष्कर्म के मामले की जांच पूरी करने का आश्वासन दिया है।
अलका का शव पांच दिनों से पीजीआई में पड़ा था। परिजन इस बात पर अड़े थे कि जब तक दुष्कर्म के आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते, उसका अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। सोमवार को अलका के परिजन आईजी वी. कामराजा से मिले और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। आईजी द्वारा 15 दिन में जांच कराने का आश्वासन दिए जाने पर वे शव का अंतिम संस्कार करने को तैयार हुए।
पीजीआई में दाखिल सुनील को अलका के संस्कार के लिए कुछ समय के लिए छुट्टी मिली। सुनील व परिजन अलका का शव पांची ले गए। इससे पहले सुनील ने फिर दोहराया कि अगर दो सप्ताह में जांच नतीजे नहीं आए तो बच्चों सहित खुदकुशी कर लेगा। पुलिस को आईजी दफ्तर से अलका का सुसाइड नोट भी मिला था। नोट की हैंडराइटिंग की जांच कराएगी।
रोहतक रेंज के आईजी वी कामराज ने बताया कि दुष्कर्म मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पीड़ित परिवार के साथ है और उन्हें उचित न्याय मिलेगा।
गैंग रेप की शिकार महिला ने दी IG ऑफिस में जान
(Wednesday, May 06)
दुष्कर्म की शिकार महिला ने न्याय नहीं मिलने पर पति के साथ आईजी ऑफिस में जहर खा लिया। महिला की मौत हो गई, जबकि पति की हालत चिंताजनक बनी हुई है। दंपती सोनीपत के गांव पांची का रहने वाला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अलका अपने पति सुनील के साथ बुधवार को आईजी वी कामराज के दफ्तर में न्याय की फरियाद लेकर पहुंची थी। करीब तीन बजे जब वह दफ्तर पहुंची तो आईजी लंच के लिए निकल चुके थे। कुछ समय बाद दंपती की हालत अचानक बिगड़ने लगी तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। तत्काल दोनों को पीजीआई में भर्ती कराया गया। यहां पता चला कि दोनों ने कोई जहरीली वस्तु खाई है। उपचार के दौरान अलका की मौत हो गई, जबकि पति की हालत नाजुक है। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। खबर लिखे जाने तक इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था।
ये है मामला
समालखा पुलिस में दर्ज एफआईआर के अनुसार अगस्त 2006 में अलका समालखा के शास्त्री कॉलोनी में अपने मायके में आई थी। इसी दौरान जौरासी का रणबीर अलका को अपनी गाड़ी में यह कहकर ले गया कि उसे बाजार से कुछ खरीदारी करनी है।
इसके बाद उसने अपने दोस्तों को बुला लिया और एक स्थान पर उसे ले गए जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इस बाबत समालखा पुलिस ने 20 जून 2008 को करहंस के जितेंद्र, सन्नी, रणबीर, शहरमालपुर के केशा सहित पांच लोगों के खिलाफ धारा 376, 384, 342, 506, 292 और 34 के तहत मामला दर्ज किया।
लेकिन आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित आईजी वी कामराज से मिले। आईजी ने जांच का जिम्मा डीएसपी सुरेंद्र भौरिया को सौंपी। जांच के बाद डीएसपी ने फाइल बंद कर दी। इसके बाद से ही दंपती न्याय की आस में आला अधिकारियों के चक्कर काट रहा था। बुधवार को भी अलका शिकायत लेकर आईजी ऑफिस पहुंची थी।
लंच टाइम में अलका और सुनील शिकायत लेकर पहुंचे थे। दोनों को उल्टियां हो रही थीं। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें पीजीआई में भर्ती कराया गया। पीड़ित दुष्कर्म मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने की शिकायत लेकर आए थे। मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी।
- वी।कामराज, आईजीपी, रोहतक रेंज
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