कुछ बातें जो संभ्रात इतिहास में दर्ज नहीं की जा सकेंगी

ये देशभक्त लोग

सब की अपनी भावनाएं होती हैं । दुःख की बात ये नही दुःख तो तब होता है की ऐसे लोग जब अपनी भावनाओ का ख्याल तो रखते है और चाहते है की दुसरे भी रखें मगर दूसरो की भवनोंका ख्याल रखना इन्हें अच्छा नही लगता । या यूँ कहिये दुसरो की भावनाओ के खिलाफ जन इनकी आदत होती है , ..........................

भाजपा के दो राज्यों की सरकारों ने अभी अलग अलग मामलों पर कुछ लोगों पर राज्यद्रोह का मामला दर्ज किया . ये किन पर किया गया ये सुन कर वाकई हँसी आएगी ।

पहला मामला गुजरात का है जहाँ एक पेर्तिस्थित इंग्लिश दैनिक के दो पत्रकारों के खिलाफ वहां की सरकार ने राजद्रोह का आरोप लगाया है कारन की उन्होंने एक पुलिसिये के खिलाफ अख़बार में लिखने की जुर्रत की थी ।

दूसरा मामला राजस्थान का है जहाँ गुज्जरों के नेता बैसला और उनके साथियों के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ . कारन की उन्होंने इनके द्वारा किए गए वायदे को पुरा करने की मांग की और देश परदेश की चूलें हिला दी , मन की गुज्जरों का आन्दोलन फायदा कम और नुकसान ज़्यादा दे रहा है मगर ये वायदा करके भूल जाने वाले नेताओ के लिए ज़रूरी था इलाज में दर्द तो सहना पड़ता है ही , आशा की जाए की इस तरह के आन्दोलन से नेताओ की झूठे वायदे करने की आदत पर लगाम लगेगी ।

सब से बड़ा सवाल ये है की एक तरफ़ अफज़ल की फँसी और दूसरी तरफ़ सरबजीत की रिहाई की मांग करने वालों को चाहिए की अपने भीतर के गद्दारों से मुक्ति पायें , अब वो नमो नारायण (नरेन्द्र मोदी ) हो या बाला साहेब ..........देश का दुर्भग्य है की नमो नारायण भारतीय सम्पेर्भुता और अखंडता में विश्वास नही रखते , और दिल्ली से लड़ना चाहते है ......उनका बयाँ साबित करता है की वो या तो वो जाहिल और अग्यानी हैं या वो भारत की अखंडता में विश्वाश नही रखते । संभावना है की वो जाहिल और अज्ञानी कतई नही है । कियोकी भरतीय संसद के एक मंनिने अद्यक्ष महोदय बाला साहेब को देश के कानून से ऊपर बता चुके है । इनकी देश्बगती पहले भी गोडसे के रूप में उजागर हो चुकी है . और सावरकर की माफ़ी के रूप में भी ... कंधार में मौलाना मसूद को छोड़ने में भी ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

सवाल सरकारों का या दलगत नही है बिल्कुल नही . सवाल तो बाला साहेब राजा साहेब और नमो नारायण जैसे नरभक्षियों के देशभक्ति छोले का है इनके हिटलरी तरीकों का है . इतिहास गवाह है भारतीय ज़मीं पर ऐसे हजारो सनकियों ने दम तोडा है ये भी तोडेंगे .

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