वे कौन लोग हैं जो पृथ्वी को नारंगी की शक्ल में देखते हैं और इसे निचोड़कर पी जाना चाहते हैं यह तपी हुई अभिव्यक्ति है उस ताकत के खिलाफ---जो सूरज को हमारे जीवन में---उतरने से रोकती है---जो तिनके सा जला देती है---और कहती है---यह रही तुम्हारे हिस्से की रोशनी।'
कुछ बातें जो संभ्रात इतिहास में दर्ज नहीं की जा सकेंगी
मन्दिरा इंसान दो तरह के होते हैं! अच्छे लोग और बुरे लोग........मगर इतना भर कह देने से सब कुछ ठीक नहीं होजाता! दुनिया रंगीन है यह...
एक मौका और
एक मौका और दिया जाना चाहिए उड़ान को, यात्रा को,प्रयोग को, सनक को, एक और मौका असफलता को अवसाद को, विवाद को एक और मौका प्रयास को, छलांग को, विश्वाश को एक और इनकार अहंकार को हार को यथास्थिति को
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