कुछ बातें जो संभ्रात इतिहास में दर्ज नहीं की जा सकेंगी

बोलो देशभक्ति जिंदाबाद


काफी दिनों से लिखना चाह रहा हूँ लिख नहीं पा रहा वजह साफ़ है अप्रासंगिक लिखना मेरी आदत है! मगर आज शायद कुछ लिख जाए लेख का कोई सर पैर नहीं है क्योकि इतनी सारी बातें दिमाग का दही कर रही हैं अब भला गुस्से में दिमाग बंद ही रहता है अरे मेरा तो गुस्से में दिमाग बंद हो जाता है मगर  दल्ले किसम के लोगों का दिमाग हमेशा बंद रहता है
हाल में लोकपाल अन्ना रामदेव जाने क्या क्या हुआ केंद्र की सरकार की दलाली ने सर आसमान पर उठा लिया मगर ताज्जुब की बात रही देशभक्तों की पार्टी की मध्य प्रदेश की सरकार ने किसानो की ज़मीं गिरवी रख के ऋण दिया और फिर ज़मीनों को सीधे विदेशी कंपनी को सौंप देने की गुपचुप तैय्यारी कर ली मामला तो बाद में खुला मगर भैय्या देखो भगवान् की लीला की मामला भले अदालत में खुला मगर क्या मजाल की मुख्यधारा की  मिडिया जरा भी कुछ छपे वो तो नासपीटे स्थानीय हिंदी अख़बारों ने मामले को अपनी तरफ से  खूब उछलने की कोशिश की मगर नाकारे भूल गए की राष्ट्रवाद की दुहाई देकर राष्ट्र को बेच देना कोई नयी परंपरा नहीं है! छत्तीसगढ़ की सरकार ने तो हदे कर दिया हाई कोर्ट तक दोद्लाते रहे और एक डैम बेच कर ही दम लिया बाद में मामला खुल गया कुछ देशद्रोही हर जगह होते हैं न इसलिए वरना क्या मजाल की राष्ट्रवादी एक बार कुछ बेच दे तो पकड़ा जाए
अब एक राष्ट्रवादी पुलिस अगर किसी महिला आतंकी को गोली मार कर इन्साफ करदे या उनके यौन्नंग में पत्थर डाल कर कहे की ये लो अपना जल जंगल जमीं तो इसमें बुरा क्या है
हमारे देश के युवा हर समय अपनी माँ बहन लेकर खड़े होते हैं की जब जिसका दिल चाहे देश का नाम लेकर रंगे की गोली या पोअत्थर जो चाहे डाल दे !
खाखी वर्दी वाले जो करते हैं वो देशभक्ति के लिए करते हैं अब वो बलात्कार हो बर्बरता हो हत्या हो या जो उनकी मर्ज़ी देश के लिए किया गया हर काम जायज़ है! कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर तक सेना पुलिस पर तरह तरह के आरोप लगते रहे और देशद्रोही इनपर लगाम लगाने की मांग करते रहे वो तो भला हो कुछ देशभक्तों का जो सामने आकर खड़े होगये ताकि देश की हिफाज़त हो सके और जहाँ तहां थप्पड़ चलने लगे तब जाके गद्दारों को समझ आया और ज़रा सहमे हैं
और पुलिस बलों में मनोबल आया नहीं तो कौन माई का लाल सोनी सोरी जैसी आतंकवादी औरत को जो इतनी शातिर है की फरार रहते हुए भी अपनी सरकारी अध्यापिका की नौकरी नहीं छोड़ी इतना बेहत तरीके से यातना दे सकता था

बिना अकल लगाये जो लिखना है लिखो ना हम तुम्हारा कुछ उखाड़ सकते हैं ना तुम मेरा

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