नारनौलनांगल चौधरी क्षेत्र की ढाणी कुंभावाली में सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या करने वाली पूजा मान की मौत का मामला अभी भी अनसुलझा है।
अंतरजातीय विवाह रचाने वाली पूजा मान की आत्महत्या का राज उसके ससुाइड नोट की उस लिखावट में छिपा है, जिसे पुलिस 11 मई को हाईकोर्ट में पेश करेगी। पूजा की लिखावट की एफएसएल रिपोर्ट पुलिस को छह मई को प्राप्त हुई, जिसे वह उजागर करने से बच रही है।
नांगल चौधरी क्षेत्र के ढाणी कुंभावाली गांव के बिरेंद्र यादव से पूजा मान ने पिछले वर्ष 11 नवंबर को हाईकोर्ट में प्रेम विवाह किया था। उसका प्रेम तब पनपा जब पढ़ाई के दौरान बिरेंद्र शहर के मोहल्ला मिश्रवाड़ा में उसके पड़ोस में आकर रहने लगा। पूजा के मायके वालों से मिली धमकी के बाद हाईकोर्ट ने इस दंपति को सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करा रखी थी। बीती 23 मार्च को जैसे ही पुलिस ने सुरक्षा हटाई 25 मार्च को बिरेंद्र से पुलिस ने 10 किलो गांजा बरामद किया और उसके खिलाफ केस बना दिया।
कुएं में कूद कर की थी आत्महत्या
पति के जेल जाने के बाद इस वर्ष 29 मार्च को पूजा ने घर के नजदीक स्थित एक कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली और एक सुसाइड नोट भी लिखा। सुसाइड नोट में लिखावट पूजा है कि या किसी और की, इस रहस्य से पुलिस अभी पर्दा उठाने को तैयार नहीं है। आईजी एसएन वशिष्ठ के मुताबिक 11 मई को हाईकोर्ट में पेशी के दौरान सुसाइड नोट की लिखावट की रिपोर्ट पेश की जाएगी, इससे पहले वे कुछ भी नहीं कह सकते।
आईजी ने सब पक्षों से की पूछताछ
शनिवार शाम को नारनौल पहुंचे फरीदाबाद रेंज के आईजी एसएन वशिष्ठ ने पूजा के पति बिरेंद्र, ससुर जगदीश, सास कृष्णा देवी, जेठ जयपाल सिंह से बात की। आईजी ने पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टर सीमा बिश्नोई से भी इस मामले में जानकारी ली। बाद में उन्होंने पूजा के पिता रोहताश, मां, ताऊ रघुवीर, भाई प्रवीण व चचेरे भाई दीपक व उस चचेरी बहन से भी पूछताछ की, जिससे मरने से पहले पूजा ने पहले बात की। आईजी ने इसके बाद दोनों पक्षों को अपना बयान लिखित में देने को कहा।
मायके वालों ने भी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
पूजा मान की मौत के पीछे उसके ससुराल पक्ष को दोषी ठहराते हुए मृतका के परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने इस मामले में मौत के असली कारणों का पता लगाने की मांग की है। हालांकि हाईकोर्ट ने अभी तक पुलिस को इस संबंध में कोई हिदायत नहीं दी।
खुद आईजी का कहना है कि मायके पक्ष की जांच के लिए अभी तक हाईकोर्ट से उन्हें कोई आदेश नहीं मिले हैं, इसलिए उसकी जांच तो नहीं कर रहा पर पूजा के मौत से जुड़े तथ्यों की जांच अवश्य की जा रही है।
उन्होंने बताया कि 11 अप्रैल को जब जांच के लिए यहां आए थे, तब उनका मुख्य बिंदु बिरेंद्र के खिलाफ दर्ज किए गए एनडीपीएस मामले में पुलिस भूमिका को देखना था। वे अपनी रिपोर्ट कोर्ट में दे चुके हैं, जिसमें मामला दर्ज करने में पुलिस कार्रवाई में कमी पाई गई, इसलिए जांच अधिकारी को निलंबित करने और डीएसपी समेत पांच पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई किए जाने के आदेश दिए जा चुके हैं। अब सुसाइड नोट लिखने से पहले और उसके बाद की स्थितियों पर जांच चल रही है। (दैनिक भाष्कर से)
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