कुछ बातें जो संभ्रात इतिहास में दर्ज नहीं की जा सकेंगी

नायक करते रहे हैं खुदकुशी

मौत एक रहस्य है. जीवन का एकमात्र और आखरी सत्य. और भी न जाने कितनी बातें मौत के

बारे में कही जाती हैं. और खुदकुशी ! कहा जाता है कि यह एक किस्म की कायरता भी है. और 

निराशा के गहरे गर्त में जाने के बाद मुक्ति का एकमात्र विकल्प भी. जो भी हो लेकिन कानू सान्याल 

द्वारा आत्महत्या किये जाने के बाद एक बार फिर सवाल सामने है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया?





कानू सान्याल कोई मामूली आदमी नहीं थे. लोगों को बदलाव के लिए प्रेरित करते हुए वे जीते जी नायक बन गये थे. उन्होंने अपने व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता से एक नया अध्याय लिखा. फिर उन्होंने खुद ही अपनी जिंदगी क्यों खत्म कर लीलेकिन इतिहास पर नजर दौड़ायेंतो सान्याल की खुदकुशी पर बहुत आश्चर्य नहीं होगा. ऐसे नायकों की एक लंबी फेहरिस्त हैजिन्होंने अपनी जिंदगी खुद खत्म की. वैसे नायकजिन्होंने अपनी आत्मशक्ति,बौद्धिकताव्यक्तित्व-कृतित्व और नेतृत्व क्षमता से दुनिया को हतप्रभ किया.भारत की ही बात करेंतो गोरख पांडेय मशहूर वामपंथी कवि और अध्येता हुए. उनकी लिखी कई कविताएं अमर हैं. उन्होंने कविता के माध्यम से जनसमूह को जबरदस्त तरीके से प्रेरित किया. लेकिन 1989में उन्होंने खुद जवाहर लाल नेह विश्वविद्यालय परिसर में आत्महत्या कर ली.          

मलयालम की एक मशहूर लेखिका हुई टीए राजलक्ष्मी. काफी कम उम्र में केरल में उनकी ख्याति फैल गयीलेकिन 35 वर्ष की उम्र में ही 1965 में राजलक्ष्मी ने खुदकुशी कर ली. और इस क्रम में यदि दुनिया के नायकों पर नजर दौड़ाएंतो इतिहास हैरत में डालनेवाला है. अमेरिका के मशहूर साहित्यकार  अर्नेस्ट हेमिंग्वे ने  द सन अलसो राइजेज ए फेयरवेल टू आर्म्स जैसी कृतियां रच कर 1954 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार अर्जित किया. लेकिन नोबेल सम्मान पाने के सात साल बाद 1961 में उन्होंने खुद को मार डाला. हॉलैंड के मशहूर चित्रकार हुए विंसेंट वान गॉग. द रेडवाइन नामक उनकी पेंटिंग दुनिया भर में मशहूर हुई. 750 चित्र, 150ड्राइंग बना कर दुनिया भर में छानेवाले इस चित्रकार ने भी 37 साल की उम्र में ही खुद से पेट में गोली मार कर अपने जीवन को खत्म कर लिया.अमेरिकी लेखक जॉन बेरीमैनस के येजनीन की दाण कथा भी कुछ ऐसी ही है. बेरीमैन अमेरिका में एक ऐसे कवि हुएजिन्होंने काफी कम समय में अपनी कृति का लोहा मनवाया. 20वीं सदी के कवियों में सबसे बड़े नाम के तौर पर उभरे. कनफेशनल स्कूल ऑफ पोएट्री की स्थापना की.  लेकिन  द ड्रीम सांग्सजैसी मशहूर कविता के इस कवि ने खुदकुशी कर अपने जीवन को खत्म किया. स में येजनीन का नाम काफी प्रसिद्ध है. काफी कम उम्र में येजनीन ने स के विशाल जनसमूह को अपनी कविता से प्रेरित कियालेकिन 30 वर्ष की उम्र में ही येजनीन ने एक होटल की सीलिंग में लटक कर अपनी जान दे दी.अतिरिक्त आश्चर्य यह जान कर होगा कि पूरी दुनिया का मनोविज्ञान समझनेवालेमनोविज्ञान का नया अध्याय समझानेवाले विश्वप्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक फ्रायड ने भी अपने डॉक्टर से खुदकुशी में मदद करने को कहा था. और अंत में एक और विश्वप्रसिद्ध नाम की बात करते हैं- मैक्िसम गोर्की. गोर्की ने  मदर और  द लोवर डेप्थ्सजैसी रचना से दुनिया को आंदोलित किया. लेकिन एकाकीपन से तंग होकर खुद को गोली मार आत्महत्या की कोशिश की. संयोग से गोली फेफड़े में जा फंसी. गोर्की उस गोली से मरे तो नहींलेकिन जिंदगी भर खुदकुशी की उस कोशिश का अंजाम भुगतते रहे. उन्हें टीबी हो गया और कष्ट में मृत्यु हुई.

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