कुछ बातें जो संभ्रात इतिहास में दर्ज नहीं की जा सकेंगी

पटना में फिट नजर आए जार्ज

'वह चल नहीं सकते, उनके हाथ कांपते है। वह कुछ भी याद रखने की ताकत गवां चुके है।' अपने बारे में इस दुष्प्रचार का खंडन था कि मंगलवार को जदयू नेता जार्ज फर्नाडिस का पटना आना। यह खुद को जिंदा और आबाद दिखा देने की खांटी लोहियाटिक जिद थी। साथ ही कुछ मायनों में जद यू के भीतर स्थगित लोकतंत्र की बहाली की कोशिश भी। एयरपोर्ट पर जुटे कार्यकर्ताओं ने इसे तानाशाही के खिलाफ सविनय अवज्ञा माना और नारा गूंजा-जार्ज जिंदाबाद।

जार्ज साहब अपने तय कार्यक्रम के अनुसार दिल्ली से पटना हवाईअड्डें पर मंगलवार दोपहर बाद पहुंचे। विमान से लगी सीढ़ी से बिना किसी सहारे के उतर कर वह लाउंज तक सधे कदम पैदल आए। पूर्व मुख्यमंत्री डा. जगन्नाथ मिश्र, दिग्विजय सिंह, पीके सिन्हा, शंभू श्रीवास्तव ने उनकी अगवानी की। थोड़ी थकावट लेकर लेकिन बहुत पुख्ता कदम उनके मजबूत इरादों का संकेत दे रहे थे। बिना कुछ बोले वह बता गए कि चुनाव प्रचार तो वह कर ही सकते है।

गौरतलब है कि जार्ज को राजभवन तक जाकर वहां से मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च करना था। मगर पैदल मार्च आचार संहिता उल्लंघन का मामला बन जाता। इसलिए स्थगित कर दिया गया। जार्ज को जब यह सूचना मिली कि मुख्यमंत्री दिल्ली रवाना हो गए हैं तो वे एक अणे मार्ग जाने के बजाय सीधे अपने चुनाव क्षेत्र मुजफ्फरपुर के लिए रवाना हो गए। जार्ज वहां 26 मार्च तक रहेंगे। 26 को एक बैठक को संबोधित करेंगे। एयरपोर्ट से राजभवन तक जार्ज की गाड़ी के पीछे करीब 150 गाड़ियों का काफिला था। उन्हे पत्रकारों ने रोकने की कोशिश की, लेकिन हाथ हिला उनका अभिवादन किया और इशारे से बताया कि आगे जाना है।

इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री डा. मिश्र ने कहा कि उन्होंने 26 सितंबर को ही जदयू से इस्तीफा दे दिया। अब किस तकनीकी कारण से उनका इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ यह पार्टी जाने। चुनाव में सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ प्रचार करेंगे।

चुनाव न लड़ें जार्ज: लैला

पटना: दिल्ली से पटना पहुंचे जद यू नेता जार्ज फर्नाडिस जहां फिट नजर आए, वहीं उनकी पत्नी लैला कबीर ने उन्हें चुनाव नहीं लड़ने की सलाह दी है।

यहां मंगलवार को जारी बयान में लैला फर्नाडिस ने कहा कि अगर कोई बच्चा आग में हाथ डालने की जिद करे तो क्या उसे मना नहीं किया जाता? मैं जानती हूं कि जार्ज का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। उन्हें चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। जार्ज में अब भी संघर्ष करने की भावना है, परंतु उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है। दस वर्ष पूर्व सिर में लगी चोट और कई आपरेशन के कारण यह स्थिति है। उनके स्वास्थ्य के बारे में मीडिया वाले पूछते हैं।

उन्होंने कहा कि मैं मीडिया से पूछना चाहती हूं कि क्या हाल में किसी ने जार्ज से मुलाकात की है। अगर नहीं तो उनसे मिल लीजिए-खुद समझ में आ जाएगा।

मगर ये भी सच है की किसी समाजवादी से संघ के कर्यकर्मो में लगातार शिरकत की अपेक्षा नही की जाती जार्ज को चाहिए की वो अपने उन गलतियों की माफ़ी मांग लें वो ख़ुद महान है जिनसे हमें प्रेरणा मिलती है

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