कुछ बातें जो संभ्रात इतिहास में दर्ज नहीं की जा सकेंगी

परेशाँ रात सारी है,....................

परेशाँ रात सारी है, सितारों तुम तो सो जाओसुकूते मर्ग तारी है, सितारों तुम तो सो जाओ
(परेशाँ : disordered, troubled; सुकूते मर्ग : silence before death; तारी : prevalent)
हमें तो आज की शब पौ फटे तक जागना होगायही किस्मत हमारी है, सितारों तुम तो सो जाओ
(शब : night; पौ फटे : till dawn)
हमें भी नींद आ जाएगी, हम भी सो जाऐंगेअभी कुछ बेक़रारी है, सितारों तुम तो सो जाओ
(बेक़रारी : restlessness)


क़तील शिफ़ाई

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